Grahan Puja (7 August 2017)

चंद्र ग्रहण दोष शांति पूजा

7 अगस्त 2017 (सोमवार)

Grahan Puja

     श्रावण शुक्ल पुर्णिमा सोमवार की रात्रि दिनांक 7 अगस्त 2017 को चंद्र ग्रहण श्रवण नक्षत्र तथा मकर राशि पर होगा। जिन लोगों की जन्म पत्रिका में सूर्य ग्रहण या चंद्र ग्रहण योग हो उसका निवारण इस अवसर पर ही हो सकता है। चंद्र ग्रहण का सूतक सोमवार दोपहर 1 बजकर 49 मिनट से लग जायेगा। यदि संभव हो तो सूतक में कुछ भी खाना पीना नहीं चाहिये। इससे पहले भोजन कर लें तथा खाद्य सामग्री व पीने के जल के अंदर कुशा तथा तुलसी पत्र डाल दें। (पूजा घर) के पट बंद कर दे। ग्रहण के मोक्ष होने के बाद स्नान करके रसोई तथा पूजा घर की पूरी सफाई करें।

     चंद्र ग्रहण का स्पर्श इंदौर में रात १० बजकर ४२ मिनट पर होगा तथा इसका मोक्ष रात्रि १२ बजकर ४९ मिनिट पर होगा। इस ग्रहण काल में जाप का अतिविशिष्ट प्रभाव होता है। इस ग्रहण में किये जाने वाले जाप का एक पुरूश्चरण (२४ लाख) गुना फल मिलता है। नदी के किनारे यह करने का बहुत ही शुभ फल होता है किंतु यदि यह संभव न हो तो जाप घर में भी किया जा सकता है।

     सूर्य ग्रहण योग वाले लोग लाल चंदन की माला तथा चंद्र ग्रहण योग वाले लोग मोती की माला से जाप करें। कुश के आसन पर बैठे। चंद्रमा या सूर्य के अधिक से अधिक जाप क्रमश: मोती या लाल चंदन की माला से करना चाहिए। ग्रहण के मोक्ष के पश्चात् तुरंत स्नान करें। स्नान करने के बाद शुद्ध भोजन ग्रहण के बाद बनाकर ग्रहण करें। मंदिर की सफाई एवं पूजा ग्रहण मोक्ष के बाद करें।

चन्द्रमा का मंत्र – ऊँ सों सोमाय नम: (मंत्र जाप – 11000)

सूर्य का मंत्र – ऊँ घृणि: सूर्याय नम: (मंत्र जाप – 7000)

यदि एक व्यक्ति के लिए संभव न हो तो उस व्यक्ति के लिए उनके घर से दो या अधिक लोग या पंडित जी के साथ मिलकर ग्रहण काल में जाप करवा सकते हैं। यदि जाप पंडित जी से करवा रहे हो तो पंडितजी को आसन, माला ग्रहण का सूतक लगने से पहले देवें। पंडित जी की दक्षिणा भी अगले दिन स्नान करके ही देवें।

 कृपया आपके शहर में समय की सटीक जानकारी के लिए आपके शहर का सुबह का समाचार पत्र देखें।

 कुंवारों तथा गर्भवती स्त्रियों के लिए ग्रहण अच्छा नहीं होता

चंद्रग्रहण कुंवारों तथा गर्भवती स्त्रियों के लिए अच्छा नहीं होता है । इसे नहीं देखना चाहिए | स्त्रियों को ऐसे कमरे में रहना चाहिए जहाँ ग्रहण की छाया {खिड़की इत्यादि बंद हो} | गर्भवती महिलायें ग्रहण काल में एक नारियल अपने पास रखें जिससे कि वायुमण्डल से निकलने वाली नकारात्मक उर्जा का प्रभाव उन पर नहीं पड़ेगा।

ये ना करें

ग्रहण काल तथा सुटक में निम्न बातो को न करे :-

  • कैंची का प्रयोग न करें
  • फूलों को न तोड़े
  • बालों व कपड़ों को साफ न करें
  • दातुन या ब्रश न करें
  • गाय, भैंस का दोहन न करें
  • भोजन न करें
  • कठोर शब्दों का प्रयोग न करें
  • स्त्री प्रसंग न करें
  • यात्रा न करें
  • शयन करना भी ग्रहण काल में वर्जित माना गया है।

इंस्टिट्यूट ऑफ़ वैदिक एस्ट्रोलॉजी

Read same information in English by Clicking This.  To read article on Rakhi in English Click Here. इस दिन राखी के शुभ मुहूर्त जानने के लिए यहाँ क्लिक करे |

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